अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
ALMU-logo.jpg

आदर्श वाक्य: {عَلَّمَ الْإِنْسانَ ما لَمْ يَعْلَم‏} (अरबी)
‘अल्लामल इन्साना मा लम य'आलम'
आदमी को वो सिखाओ जो उसे नहीं आता। (कुरान 96:5)
स्थापित 1875
प्रकार: सार्वजनिक
कुलाधिपति: जस्टिस ए. एम. अहमदी
कुलपति: लेफ्टि जन ज़मीरुद्दीन शाह
शिक्षक: 2,000
विद्यार्थी: 30,000
स्थिति: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश, भारत
परिसर: अलीगढ़
सम्बन्धन: यूजीसी
जालपृष्ठ: [1]


विश्वविद्यालय का विक्टोरिया गेट

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (अंग्रेज़ी: The Aligarh Muslim University) भारत के प्रमुख केन्द्रीय विश्वविद्यालयों में से एक है जो उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में स्थित है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एक आवासीय शैक्षणिक संस्थान है। इसकी स्थापना 1875 में सर सैयद अहमद खान द्वारा की गई थी और 1920 में भारतीय संसद के एक अधिनियम के माध्यम से केन्द्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया गया। कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय की तर्ज पर ब्रिटिश राज के समय बनाया गया पहला उच्च शिक्षण संस्थान था। मूलतः यह मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कालेज था, जिसे महान मुस्लिम समाज सुधारक सर सैयद अहमद खान द्वारा स्थापित किया गया था। कई प्रमुख मुस्लिम नेताओं, उर्दू लेखकों और उपमहाद्वीप के विद्वानों ने विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शिक्षा के पारंपरिक और आधुनिक शाखा में 250 से अधिक पाठ्यक्रम पढ़ाए जाते हैं। अपने समय के महान समाज सुधारक सर सैयद अहमद खानने आधुनिक शिक्षा की आवश्यकता को महसूस किया और 1875 में एक स्कूल शुरू किया, जो बाद में मुस्लिम एंग्लो ओरिएंटल कालेज और अंततः 1920 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। कई विभागों और स्थापित संस्थानों के साथ यह प्रमुख केन्द्रीय विश्वविद्यालय दुनिया के सभी कोनों से, विशेष रूप से अफ्रीका, पश्चिमी एशिया और दक्षिणी पूर्व एशिया के छात्रों को आकर्षित करता है। कुछ पाठ्यक्रमों में सार्क और राष्ट्रमंडल देशों के छात्रों के लिए सीटें आरक्षित हैं। विश्वविद्यालय सभी जाति, पंथ, धर्म या लिंग के छात्रों के लिए खुला है। अलीगढ़ दिल्ली के दक्षिण पूर्वी में 130 किमी दूरी पर दिल्ली-कोलकाता रेलवे और ग्रांड ट्रंक रूट की स्थित है।

विश्वविद्यालय के प्रमुख व्यक्तित्व[संपादित करें]