अरविन्द कुमार
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अरविन्द कुमार, अपनी धर्मपत्नी कुसुम कुमार के साथ हिन्दी के प्रथम समान्तर कोश (थिसारस) के निर्माण करने के लिये जाने जाते हैं।
[संपादित करें] जीवनी
अरविंद कुमार का जन्म उत्तर प्रदेश के मेरठ नगर में 17 जनवरी, 1930 को हुआ। 1943 में उनका परिवार दिल्ली आ गया। वे अंग्रेज़ी साहित्य में एमए हैं।
[संपादित करें] कार्य
अरविंद फिल्म पत्रिका माधुरी और सर्वोत्तम (रीडर्स डाईजेस्ट का हिन्दी संस्करण) के प्रथम संपादक थे। पत्रकारिता में उनका प्रवेश दिल्ली प्रेस समूह की पत्रिका सरिता से हुआ। कई वर्ष इसी समूह की अंग्रेज़ी पत्रिका कैरेवान के सहायक संपादक भी रहे। कला, नाटक, और फिल्म समीक्षाओं के अतिरिक्त उनकी अनेक फुटकर कवितायें, लेख व कहानियां प्रतिष्ठित पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं। शेक्सपीयर के जूलियस सीजर का किया उनके काव्यानुवाद का मंचन राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के लिये इब्राहिम अल्काजी के निर्देशन में हुआ। अरविंद कुमार ने सिंधु घाटी सभ्यता की पृष्ठभूमि में इसी नाटक का काव्य रूपान्तर भी किया है, जिसका नाम है - विक्रम सैंधव।
पूर्व संपादक:
- सर्वोत्तम - रीडर्स डाइजेस्ट (1980-85)
- माधुरी (1963-1978)
- सहायक संपादक: दिल्ली प्रेस समूह (1963 तक)
संप्रति केद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा, की हिंदी लोक शब्दकोश परियोजना के प्रधान संपादक हैं।
[संपादित करें] वाह्य सूत्र
- अरविन्द कोशनामा - अरविन्द कुमार का हिन्दी चिट्ठा
- हिन्दी समांतर कोश: एक विराट प्रयास - हिन्दी ब्लॉगज़ीन निरंतर में समान्तर कोश के बारे में अनूप शुक्ला का आलेख।

