अमिताभ श्रीवास्तव

मुक्त ज्ञानकोष विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

अमिताभ श्रीवास्तव का नाम बुंदेलखंड के जाने-माने और स्थापित पत्रकारों में शुमार है। ये २० साल से पत्रकारिता जगत में छाए हुए हैं। भोपाल में राष्ट्रीय माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के १९९१ में पहले बैच से पत्रकारिता की डिग्री लेकर इन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत की। सबसे पहले नई दुनिया भोपाल के तेजतर्रार रिपोर्टरों में इनकी गिनती हुई। मध्यप्रदेश की तमाम बड़ी खबरों को ब्रेक कर इन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके लिए इन्हें १९९४ में दैनिक भास्कर ग्रुप का स्व दारिकप्रसाद अग्रवाल स्मृति पुरस्कार मिला जो उन्हें तत्कालानी मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन ने भव्य समारोह में प्रदान किया। इसके बाद अमिताभ श्रीवास्तव ने नवभारत ग्रुप का रुख किया और ग्वालियर युनिट को ज्वाइन किया जहां इनका कॉलम आंखन देखी काफी लोकप्रिय हुआ और पूरे ग्वालियर के प्रशासन में ये कॉलम सुर्खियों में रहने लगा। यहीं से विशेष रिपोर्टिंग के लिए इन्हें मध्यप्रदेश का प्रतिष्ठित पुरस्कार स्व सत्यनारायण श्रीवास्तव स्मृति पुरस्कार राज्यपाल ने प्रदान किया। इसके बाद अमिताभ श्रीवास्तव ने दैनिक जागरण ग्रुप का रुख किया और आगरा में रिपोर्टिंग करते हुए कई सनसनीखेज खुलासे किए। २००२ में अमिताभ श्रीवास्तव ने सहारा ग्रुप ज्वाइन किया और मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की नींव चैनल हैड मुकेश कुमार के साथ रखी। वे तबसे लगातार सहारा समय मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ चैनल में बने हुए हैं और वर्तमान में आउटपुड हैड हैं। उनके साथ काम कर चुके कई नवोदित पत्रकार इन दिनों विभिन्न न्यूज चैनलों में वरिष्ठ पदों पर कार्यरत हैं। उनसे सीखी पत्रकारिता के बल पर अपना और उनका नाम रौशन कर रहे हैं।

वैयक्तिक औज़ार
नामस्थान

संस्करण
क्रियाएं
परिभ्रमण
योगदान
सहायता
उपकरण
मुद्रण/निर्यात