अब्राहम क्रैसक्स

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अब्राहम क्रैसक्स
Abraham Cresques
अब्राहम क्रैसक्स और उनके पुत्र जहूदा क्रैसक्स द्वारा निर्मित कैटलन एटलस का एक हिस्सा
अब्राहम क्रैसक्स और उनके पुत्र जहूदा क्रैसक्स द्वारा निर्मित कैटलन एटलस का एक हिस्सा
जन्म एलेका अब्राहम
1325
पाल्मा, मायोर्का, कातालोन्या, स्पेन
मृत्यु 1387
व्यवसाय मानचित्रकार
जाने–जाते हैं कैटलन एटलस

अब्राहम क्रैसक्स (कैटलन : अब्राहम क्रैसक्स; कैटलन उच्चारण: [əβɾəˈam ˈkɾeskəs], 1325–1387) यहूदी स्पेनी चौदहवीं शताब्दी के विख्यात और कुशल मानचित्रकार थे। कातालोन्या के मायोर्का द्वीप में एक समृद्ध यहूदी परिवार जन्मे क्रैसक्स ने अपने बेटे जहूदा क्रैसक्स के साथ मिल कर 1375 में मध्ययुग के कातालोन्या का मानचित्र 'कैटलन एटलस' का निर्माण किया था।

1375 में क्रैसक्स और जहूदा को आरागोन के राजकुमार जॉन से एक ऐसे नॉटिकल चार्ट के निर्माण का कार्यभार मिला था जिनमें पोर्टोलन चार्ट द्वारा दर्शाई जाने वाली समान्य भौगोलिक सीमाओं से अधिक जानकारी हो। इन चार्ट को राजकुमार जॉन अपने चचेरे भाई चार्ल्स (जो आगे चल कर फ्रांस के महाराज चार्ल्स चतुर्थ हुए) को उपहार के तौर पर देना चाहते थे। वर्ष 1375 में क्रैसक्स और जहूदा ने पाल्मा के यहूदी मंडल के अपने घर में रह कर के छह चार्ट तैयार किए।

शोधकर्ताओं के अनुसार पाँच अन्य ऐसे मानचित्र उपस्थित हैं जिनका श्रेय शायद क्रैसक्स, जहूदा या उनकी कार्यशाला में काम करने वाले किसी कर्मचारी को दिया जा सकता है। कैटलन एटलस की तरह ही ये पाँच मानचित्र भी अहस्ताक्षरित और अदिनांकित हैं तथा इनके निर्माण की अवधि 1375 से 1400 के बीच अनुमानित की गई है।

व्यक्तिगत जीवन[संपादित करें]

अब्राहम क्रैसक्स का असली नाम एलेका था। इनका जन्म 1325 में कातालोन्या के मायोर्का द्वीप के पाल्मा नगर में एक समृद्ध यहूदी परिवार में हुआ था। इनके पिता रैबाइ अब्राहम थे व दादा रैबाइ बैनावीस्टा। बैनावीस्टा रैबाइ एलेका के पुत्र थे और क्रैसक्स को भी यही नाम मिलना था परन्तु इन्हें क्रैसक्स ऑफ़ अब्राहम (क्रैसक्स इनका स्वयं का नाम, एलेक इनका धार्मिक नाम और अब्राहम इनका गौत्र) के नाम से जाना गया। परन्तु इनके नाम का सही क्रम परवर्ती साहित्य में अक्सर उलट दिया गया और परिणामस्वरूप ये अब्राहम क्रैसक्स के नाम से ही प्रसिद्ध हो गए।[1]

इनका पुत्र जहूदा क्रैसक्स भी एक विख्यात मानचित्रकार था।

मानचित्रकारी[संपादित करें]

अब्राहम क्रैसक्स अपने समय के सबसे विख्यात और कुशल मानचित्रकार थे।[2] ये मानचित्र निर्माण के साथ-साथ घड़ियों, दिक्सूचक और दूसरे कई नौवहन उपकरणों का भी निर्माण करते थे। ये मायोर्का मानचित्र निर्माण सम्प्रदाय के अग्रणी सदस्य थे।[3]

कैटलन एटलस[संपादित करें]

1375 में क्रैसक्स और इनके पुत्र जहूदा को आरागोन के राजकुमार जॉन (जो आगे चल कर आरागोन के महाराज जॉन प्रथम हुए) से ऐसे नॉटिकल चार्ट बनाने का कार्यभार मिला जिनमें पोर्टोलन चार्ट द्वारा दर्शाई जाने वाली समान्य भौगोलिक सीमाओं से अधिक जानकारी हो, जो पूर्व से पश्चिम तक जिब्राल्टर सहित सभी भौगोलिक क्षेत्रों को कवर करें।[4] इस कार्य के सम्पन होने के पश्चात क्रैसक्स और जहूदा को क्रमशः 150 सोने के आरागोनी फ़लौरिन और 60 मायोर्काई पाउंड भुगतान के तौर पर दिए गए। इस राशि भुगतान की जानकारी चौदहवीं शताब्दी के राजकुमार के स्वयं के और उनके पिता आरागोन के पीटर चतुर्थ के दस्तावेज़ों से मिलती है।[5] इन चार्ट को राजकुमार जॉन अपने चचेरे भाई चार्ल्स (जो आगे चल कर फ्रांस के महाराज चार्ल्स चतुर्थ हुए) को उपहार के तौर पर देना चाहते थे। वर्ष 1375 में क्रैसक्स और जहूदा ने पाल्मा के यहूदी मंडल के अपने घर में रह कर के छह चार्ट तैयार किए।[6]

अन्य रचनाएँ[संपादित करें]

1375 के आसपास निर्मित हुए कैटलन एटलस को ही विश्वास के साथ क्रैसक्स की रचना कहा जा सकता है। हालांकि शोधकर्ताओं के अनुसार पाँच अन्य ऐसे मानचित्र उपस्थित हैं जिनका श्रेय शायद क्रैसक्स, जहूदा या उनकी कार्यशाला में काम करने वाले किसी कर्मचारी को दिया जा सकता है। कैटलन एटलस की तरह ही ये पाँच मानचित्र (जिनमें से चार पोर्टोलन चार्ट हैं और एक मप्पा मुंदी का टुकड़ा) भी अहस्ताक्षरित और अदिनांकित हैं तथा इनके निर्माण की अवधि 1375 से 1400 के बीच अनुमानित की गई है।[7]

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. ड्रीस, क्लेटन जे (2001). The Late Medieval Age of Crisis and Renewal, 1300-1500: A Biographical Dictionary. ग्रीनवुड पब्लिशिंग हाउस. प॰ 119. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-313-30588-7. http://books.google.com/books?id=8jDfydG6ReAC&pg=PA119. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  2. अटरबैक, क्रिस्टीन टी; प्राइस, मैरल एल (22 अगस्त 2013). Jews in Medieval Christendom: Slay Them Not. BRILL. प॰ 245. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-90-04-25044-4. http://books.google.com/books?id=9RSwAAAAQBAJ&pg=PA245. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  3. बाइंडमैन, डेविड; गेट्स, हैनरी लुई; डैल्टन, कैरन सी सी (2010). The Image of the Black in Western Art: pt. 1. From the early Christian era to the "age of discovery": from the demonic threat to the incarnation of sainthood. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस. प॰ 117. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-674-05258-1. http://books.google.com/books?id=EgwWNhT5R64C&pg=PA117. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  4. हौजकिस, ऐलन जी (1996). Discovering Antique Maps. ऑसप्रे पब्लिशिंग. pp. 93–94. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-7478-0307-2. http://books.google.com/books?id=sYbfZXvumb0C&pg=PA93. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  5. रॉथ, नॉर्मन (2003). Medieval Jewish Civilization: An Encyclopedia. टेलर एंड फ्रांसिस. pp. 136–137. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-415-93712-2. http://books.google.com/books?id=eUp9OcCi-1EC&pg=PA136. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  6. स्लोन, डालोरेस (2 जनवरी 2009). The Sephardic Jews of Spain and Portugal: Survival of an Imperiled Culture in the Fifteenth and Sixteenth Centuries. मैकफारर्लैंड. प॰ 56. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-0-7864-3817-4. http://books.google.com/books?id=Rt9VAgAAQBAJ&pg=PA56. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 
  7. पुचादेस ई ब्तायेर, रमोन जे (2007). Les cartes portolanes: la representació medieval d'una mar solcada. जनरालितात डी कातालुनिया. प॰ 63. आई॰ऍस॰बी॰ऍन॰ 978-84-393-7576-0. http://books.google.com/books?id=S6F-NwAACAAJ. अभिगमन तिथि: 23 मार्च 2014. 

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]