अचला सचदेव
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हिंदी चलचित्र की मशहूर अभिनेत्री जिन्होंने लगभग २५0 फिल्मों में अभिनय किया था।
अनुक्रम |
जीवन वृत्त [संपादित करें]
जीवन के अंतिम दौर में वह बेहद अकेली हो गई थीं। अंतिम दिनों में वे पक्षाघात से जूझ रही थीं और पुणे के एक अस्पताल में भर्ती थीं।
जिस वक्तक अचला ने आखिरी सांस ली, उस वक्तत उनके बच्चेि भी पास नहीं थे। उनका बेटा अपने व्यवसाय के चलते अमेरिका में था और बेटी मुंबई में। अपनी बीमारी से अचला अकेली ही जूझ रही थीं और आखिरकार वह यह जंग हार गईं। २ मई २0११ को उनका निधन हो गया।
व्यावसायिक जीवन [संपादित करें]
हाल में उन्होंीने दिलवाले दुल्हरनिया ले जाएंगे में काजोल और कभी खुशी कभी गम में अमिताभ बच्चतन की मां का किरदार निभाया था। आखिरी बार परदे पर उन्हेंल 2002 में आई रितिक रोशन के अभिनय वाली फिल्म न तुम जानो न हम में देखा गया था।[1]
प्रमुख फिल्में [संपादित करें]
| वर्ष | फ़िल्म | चरित्र | टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| 1974 | कोरा कागज़ | श्रीमती गुप्ता | |
| 1962 | अपना बना के देखो |