अग्रसेन की बावली

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अग्रसेन की बावली

अग्रसेन की बावली, एक संरक्षित पुरातात्विक स्थल हैं जो नई दिल्ली में कनॉट प्लेस के पास स्थित है।[1]इस बावली में सीढ़ीनुमा कुएं में करीब 105 सीढ़ीयां हैं। 14वीं शताब्दी में महाराजा अग्रसेन ने इसे बनाया था। सन 2012 में भारतीय डाक अग्रसेन की बावली पर डाक टिकट जारी किया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और अवशेष अधिनियम 1958 के तहत भारत सरकार द्वारा संरक्षित हैं। इस बावली का निर्माण लाल बलुए पत्थर से हुआ है। अनगढ़ तथा गढ़े हुए पत्थर से निर्मित यह दिल्ली की बेहतरीन बावलियों में से एक है।</ref>[2][3][4]

अग्रसेन की बावली

क़रीब 60 मीटर लंबी और 15 मीटर ऊंची इस बावली के बारे में विश्वास है कि महाभारत काल में इसका निर्माण कराया गया था। बाद में अग्रवाल समाज ने इस बावली का जीर्णोद्धार कराया। यह दिल्ली की उन गिनी चुनी बावलियों में से एक है, जो अभी भी अच्छी स्थिति में हैं। जंतर मंतर के निकट, हेली रोड पर यह बावली मौजूद है। यहाँ पर नई दिल्ली और पुरानी दिल्ली के लोग कभी तैराकी सीखने के लिए आते थे।[5] [6]

बावली की स्थापत्य शैली उत्तरकालीन तुग़लक़ तथा लोदी काल (13वी-16वी ईस्वी) से मेल खाती है।[7][8] लाल बलुए पत्थर से बनी इस बावली की वास्तु संबंधी विशेषताएँ तुग़लक़ और लोदी काल की तरफ़ संकेत कर रहे हैं, लेकिन परंपरा के अनुसार इसे अग्रहरि एवं अग्रवाल समाज के पूर्वज अग्रसेन ने बनवाया था। इमारत की मुख्य विशेषता है कि यह उत्तर से दक्षिण दिशा में 60 मीटर लम्बी तथा भूतल पर 15 मीटर चौड़ी है।[9] पश्चिम की ओर तीन प्रवेश द्वार युक्त एक मस्जिद है। यह एक ठोस ऊँचे चबूतरे पर किनारों की भूमिगत दालानों से युक्त है। इसके स्थापत्य में ‘व्हेल मछली की पीठ के समान’ छत, ‘चैत्य आकृति’ की नक़्क़ाशी युक्त चार खम्बों का संयुक्त स्तम्भ, चाप स्कन्ध में प्रयुक्त पदक अलंकरण इसको विशिष्टता प्रदान करता है।[10]

इन्हें भी देखें[संपादित करें]

  • रानी की वाव, यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित की गई विश्व की प्रथम बावली

सन्दर्भ[संपादित करें]

  1. Agrasen ki Baoli gets new lease of life The Times of India, January 2, 2002.
  2. http://www.mynews.in/fullstory.aspx?storyid=14371
  3. http://www.aujourdhuilinde.com/actualites-inde-agrasen-ki-baoli-un-oasis-au-coeur-de-la-capitale-511.asp
  4. http://www.tripsguru.com/Monuments/Delhi%20Monuments.html/
  5. Suryakanta(1975), Sanskrit Hindi English Dictionary, page 519, Orient Longman (ISBN 086125 248 9).
  6. Whitworth,George Clifford (1885), An Anglo-Indian Dictionary (See Baoli).
  7. http://India9.com/i9show/Baoli-61723.htm
  8. City Walls, edited by James D.Tracy (2000), Studies in Comparative Early Modern History, University of Minnesota, Center for Early Modern History, pages 251-252, Cambridge University Press.
  9. Cohen, Richard (1989), An early Attestation of the Toponym Dhilli, Journal of the American Oriental Society, Volume 109, No.4 (Oct-Dec 1989) pages 513-519.
  10. http://www.rainwaterharvesting.org/Rural/Traditional2.htm

बाहरी कड़ियाँ[संपादित करें]