अक्का महादेवी

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अक्का महादेवी (ಅಕ್ಕ ಮಹಾದೇವಿ) वीरशैव धर्म संबंधी कन्नड़ कविता में प्रसिद्ध हस्ती थीं। ये १२वीं शताब्दी में हुई थीं।[1] इनके वचन कन्नड़ गद्य में भक्ति कविता में ऊंचा योगदान माने जाते हैं।[2] इन्होंने कुल मिलाकर लगभग ४३० वचन कहे थे, जो अन्य समकालीन संतों के वचनों की अपेक्षा कम हैं। फिर भी इन्हें वीरशैव धर्म के अन्य संतों जैसे बसव, चेन्न बसव, किन्नरी बोम्मैया, सिद्धर्मा, अलामप्रभु एवं दास्सिमैय्या द्वारा ऊंचा दर्जा दिया गया है।


An idol of Akkamahadevi installed in a temple at her birth-place, Udathadi
A statue of Akkamahadevi installed at her birth-place, Udathadi
चित्र:Akkamahadevi Vachana2.JPG
A popular vachana (poem) composed by Akkamahadevi

संदर्भ[संपादित करें]

बाहरी सूत्र[संपादित करें]

साँचा:Veerashaivism