अंग्रेज़ी गृहयुद्ध

मुक्त ज्ञानकोश विकिपीडिया से
यहाँ जाएँ: भ्रमण, खोज

१६वीं तथा १७वीं शताब्दी में ऐंग्लिकन राजधर्म को प्रोटेस्टैंट धर्म की ओर प्रवृत्त करनेवाले कट्टर प्रोटेस्टैंट 'प्युरिटन' कहलाते हैं। उनके आंदोलन के फलस्वरूप कांग्रेगशनैलिज्म का उदय हुआ था। वे आचरण की शुद्धता, पूजा की आडंबरहीनता तथा रविवार को पवित्र रखने पर बहुत बल देते थे। इस कारण आजकल 'प्यूरिटनवाद' उस विचारधारा का नाम बन गया है जिसमें आचरण, सिद्धांत आदि के विषय में संयम तथा शुद्धता का अधिक ध्यान रखा जाता है।

इन्हें भी देखें[संपादित करें]